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Showing posts from December, 2018

ट्रैफ़िक जाम की समस्या से निजात दिलाने वाली तकनीक

एक मोटे अनुमान के मुताबिक़ 2015 में दुनिया भर में 1.3 अरब गाड़ियां थीं. विकासशील देशों में गाड़ियों की बिक्री के हिसाब से माना जा रहा है कि 2040 तक दुनिया भर में क़रीब 2 अरब गाड़ियां सड़कों पर होंगी. नई सड़कें, बाईपास और फ्लाईओवर बनने के बावजूद, इन गाड़ियों को तेज़ रफ़्तार से चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होगी. यानी आने वाले दौर में ट्रैफ़िक जाम की समस्या और बढ़ेगी. इन जाम से निपटने के लिए लोग अक़्लमंद मशीनों की तरफ़ बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं. उन्हें लगता है कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से हम ट्रैफिक जाम से राहत पा सकते हैं. बेंगलुरु का मॉनिटरिंग सिस्टम कुछ लोग ख़ुद से चलने वाली गाड़ियों को हर मर्ज़ की दवा मानते हैं. क्योंकि रोबोट से चलने वाली ये गाड़ियां ट्रैफ़िक के नियम नहीं तोड़ेंगी. लेन में चलेंगी और मुश्किल वक़्त में ज़्यादा तेज़ी से फ़ैसले ले सकेंगी. लेकिन, अभी सड़कों पर सेल्फ ड्राइविंग कारों का असर दिखने में कम से कम दो दशक लगेंगे. पर, अगले दो दशकों में योजना बनाने वालों को दिनों-दिन बढ़ती गाड़ियों की भीड़ से निपटना होगा. ऐसा सिस्टम विकसित करना होगा, जो जाम लगन...

MP विधानसभा चुनाव: 46 साल बाद BJP हार गई सबसे सुरक्षित विदिशा सीट

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. बीजीपी की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली विदिशा विधानसभा सीट पर बीजेपी के मुकेश टंडन की हार हुई है. इस सीट से कांग्रेस के शशांक भार्गव ने जीत हासिल की. उन्हें 80,332 वोट मिले हैं. जबकि बीजेपी के मुकेश टंडन को 64,878 मिले. मालूम हो कि वीवीआईपी सीट कहे जाने वाली विदिशा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का संसदीय क्षेत्र है. इसके अलावा शिवराज सिंह का भी ये संसदीय क्षेत्र रहा है. 2013 के चुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्होंने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उपचुनाव हुआ था. आज फैसले का दिन इसमें कल्याण सिंह ठाकुर चुने गए थे. वहीं, इससे पहले 2008 के चुनाव में बीजेपी के राघव जी ने विदिशा से जीत हासिल की थी. उन्होंने कांग्रेस के शंशाक भार्गव को 12 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. यहां पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही लड़ाई होती आई है. साल 1980 के बाद से ही यह सीट बीजेपी की मजबूत गढ़ रही है. यहां पर हुए अब तक चुनाव में कांग्रेस केवल दो बार ही जीत हासिल कर ...