ड्वेन ब्रावो ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया, टीम नहीं चुने जाने से निराश थे
वेस्ट इंडीज के ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। हालांकि, वे दुनिया भर में चल रही टी-20 लीग में खेलते रहेंगे। माना जा रहा है कि ब्रावो वेस्टइंडीज टीम में नहीं चुने जाने से निराश थे, इसी के चलते उन्होंने यह फैसला लिया। ब्रावो ने अपना आखिरी टेस्ट दिसंबर 2010, आखिरी वनडे अक्टूबर 2014 और आखिरी अंतरराष्ट्रीय टी-20 सितंबर 2016 में खेला था।
2004 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था डेब्यू
ब्रावो ने अपने रिटायरमेंट नोट में लिखा, "आज मैं क्रिकेट की दुनिया को बताना चाहता हूं कि मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स (प्रारूपों) से संन्यास लेने का फैसला किया है। मैंने 14 साल पहले वेस्टइंडीज के लिए डेब्यू किया था।"
उन्होंने बताया, "जुलाई 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में मैरुन कैप पहनने की वह तस्वीर आज भी मेरे जेहन में कैद है। जो जोश और जुनून मुझे उस समय महसूस हुआ था, मैंने उसे अपने पूरे करियर के दौरान अपने पास बनाए रखा।"
ब्रावो के मुताबिक, "हालांकि, मुझे यह स्वीकार करना होगा कि एक पेशेवर के तौर पर खुद को बनाए रखने के लिए जैसा मेरे पहले की पीढ़ी ने किया, मैं भी वही करूंगा और इस जगह को आने वाली पीढ़ी के लिए खाली करूंगा।
ब्रावो ने अपना आखिरी वनडे 2014 में भारत के खिलाफ धर्मशाला में खेला था। इस मैच में ब्रावो वेस्टइंडीज टीम की अगुआई कर रहे थे। हालांकि, वेस्टइंडीज की टीम अपने बोर्ड का विरोध करते हुए बीच में ही दौरा छोड़कर चली गई थी।
ब्रावो ने 40 टेस्ट खेले। उन्होंने 71 पारियों में तीन शतक की मदद से 2200 रन बनाए। उन्होंने 3.17 की इकॉनमी से 86 विकेट भी लिए। इस दौरान उन्होंने दो बार पांच और छह बार चार से ज्यादा विकेट हासिल किए।
2004 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था डेब्यू
ब्रावो ने अपने रिटायरमेंट नोट में लिखा, "आज मैं क्रिकेट की दुनिया को बताना चाहता हूं कि मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स (प्रारूपों) से संन्यास लेने का फैसला किया है। मैंने 14 साल पहले वेस्टइंडीज के लिए डेब्यू किया था।"
उन्होंने बताया, "जुलाई 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में मैरुन कैप पहनने की वह तस्वीर आज भी मेरे जेहन में कैद है। जो जोश और जुनून मुझे उस समय महसूस हुआ था, मैंने उसे अपने पूरे करियर के दौरान अपने पास बनाए रखा।"
ब्रावो के मुताबिक, "हालांकि, मुझे यह स्वीकार करना होगा कि एक पेशेवर के तौर पर खुद को बनाए रखने के लिए जैसा मेरे पहले की पीढ़ी ने किया, मैं भी वही करूंगा और इस जगह को आने वाली पीढ़ी के लिए खाली करूंगा।
ब्रावो ने अपना आखिरी वनडे 2014 में भारत के खिलाफ धर्मशाला में खेला था। इस मैच में ब्रावो वेस्टइंडीज टीम की अगुआई कर रहे थे। हालांकि, वेस्टइंडीज की टीम अपने बोर्ड का विरोध करते हुए बीच में ही दौरा छोड़कर चली गई थी।
ब्रावो ने 40 टेस्ट खेले। उन्होंने 71 पारियों में तीन शतक की मदद से 2200 रन बनाए। उन्होंने 3.17 की इकॉनमी से 86 विकेट भी लिए। इस दौरान उन्होंने दो बार पांच और छह बार चार से ज्यादा विकेट हासिल किए।
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